अनुसंधानशाला के अनुसंधान तथा विस्तार कार्यक्रमों की सहायता के लिए वर्ष 1981 में के.मृ.सा.अनु.शाला के पुस्तकालय तथा प्रलेखन केन्द्र की स्थापना हुई थी । आज की तारीख में इसमें 8152 पुस्तकों, 2489 मानकों, 1276 तकनीकी रिपोर्ट, 1057 जिल्दवाली पत्रिकाएं, 97 विडियो कैसेट/स्लाइड, 480 मानचित्र तथा 110 सीडी-रोम का संग्रह है ।
के.मृ.सा.अनु.शाला पुस्तकालय एवं प्रलेखन केन्द्र पुस्तकालय साफ्टवेयर ई-ग्रंथालय का प्रयोग करके एन आई सी (निक) की सहायता से डाटाबेस का निर्माण करता है। पुस्तकालय में के.मृ.सा.अनु.शाला के अधिकारियों के प्रयोग के लिए लोकल एरिया नेटवर्क (लैन) पर सिविल इंजीनियरिंग , जल संसाधन तथा रसायन इंजीनियरिंग खण्डों के भारतीय मानक हैं । इसमें शैल यांत्रिकीय, मृदा तथा निर्माण प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पत्रिकाओं (जर्नल) का ऑन लाइन प्रवेश एक्सेस भी है । इसके अतिरिक्त यह पुस्तकालय डेलनेट डाटाबेस से अंतर पुस्तकालय लोन, ऑन लाइन सूचना सेवायें आदि जैसी सेवाओं का उपयोग करने के लिए डेवलपिंग लाइब्रेरी नेटवर्क (विकासशील पुस्तकालय नेटवर्क) (डेलनेट) से जुड़ा है ।
इस समय पुस्तकालय एवं प्रलेखन केन्द्र के पास के.मृ.सा.अनु.शाला के लिए लाभकारी विभिन्न विषयों पर सूचना के आदान-प्रदान के लिए 9 राष्ट्रीय तथा 2 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की सदस्यता है।