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राष्ट्रीय समितियॉ

राष्ट्रीय समिति का प्रमुख कार्य मृदा गतिकी , नींव अभियांत्रिकी, शिलायांत्रिकी व सुरंगन प्रौद्योगिकी, कंक्रीट प्रौद्योगिकी व निर्माण सामग्री संरचनाओं के क्षेत्र में आधारभूत व प्रायोगिक अनुसंधान, कार्य अनुसंधान और अनुसंधान से संबंधित अन्य क्षेत्रों में विभिन्न संस्थानों द्वारा किए जाने वाले अनुसंधान कार्यक्रमों को बढ़ावा देना, समन्वय करना तथा इनके लिए धनराशि की सिफारिश करना है।

निम्नलिखित दो राष्ट्रीय समितियां के.मृ.सा.अनु.शाला में कार्य कर रही हैं:-

  • भारतीय राष्ट्रीय भूतकनीकी अभियांत्रिकी समिति (आईएनसीजीई)
  • भारतीय राष्ट्रीय निर्माण सामग्री तथा संरचना समिति (आईएनसीसीएमएस)

भारतीय राष्ट्रीय भूतकनीकी अभियांत्रिकी समिति(आईएनसीजीई)

 

अध्यक्ष: निदेशक, के.मृ.सा.अनु.शाला
सदस्य सचिव: श्री नकुल देव ,
मुख्य अनुसंधान अधिकारी ( मृदा गतिकी एवं रॉकफिल)
केन्द्रीय मृदा एंव सामग्री अनुसंधानशाला
ओलोफ पालमे मार्ग हौज खास
नई दिल्ली- 110016
दूरभाष- 011-26967768,
फैक्स- 011- 26853108
ईमेल- akdhawan[at]nic.in

विषय क्षेत्र

  • मृदा यांत्रिकी एवं नींव अभियांत्रिकी
  • शिलायांत्रिकी
  • सुरंगन प्रौद्योगिकी
  • उच्च प्रौद्योगिकी तथा यंत्रीकरण एवं मापन तकनीकी का अनुप्रयोग


आईएनसीजीई द्वारा आर्थिक सहायता प्राप्त अनुसंधान योजनाओं की वर्तमान स्थिति

1

स्वीकृत अनुसंधान योजनाओं की कुल संख्या

42

2.

स्वीकृत सहायता अनुदान की राशि

384.56 लाख रूपये

3.

अब तक जारी की गई सहायता अनुदान

280.88 लाख रूपये

4.

प्रकाशित अद्यतन रिपोर्टें

3

5.

बंद की गई योजनाओं की संख्या

2

6.

आंशिक रूप से पूरी हो चुकी एवं बंद योजनाओं की संख्या

2

7.

बंद की जाने वाली योजनायें

6

8.

पूरी हो चुकी योजनाओं की संख्या

21

9.

चालू परियोजनायें

11

10.

विचाराधीन नई योजनाएं

3


चालू योजनायें

क्र.सं.

योजना का नाम

प्रधान अन्वेषक  

संस्थान का नाम  

1.

सूक्ष्म भूकंपी तथा मानीटरिंग प्रणाली विकसित करना तथा चालू करना

प्रो.सी.शिवकुमार

एनआईआरएम कोलार

2.

नदी घाटी परियोजना के लिए प्रयुक्त सुरंग में हलचल एवं भार अवलम्ब का अन्वेषण

प्रो.टी.एन.सिंह

बी.एच.यू.वाराणसी

3.

पुरानी भूमिगत एवं भू वैज्ञानिक रूप से बाधित सतह पर ढाल की डिजाइन

डॉ.वी.आर.शास्त्री

क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कालेज , सुरथकल

4.

निर्माण परियोजनाओं में शिला उत्खनन के लिए परिधि विस्फोटन के पैरामीटरों का मानकीकरण

डॉ.एम.एम.सिंह

सी एम आर आई धनबाद

5.

त्रिअक्षीय दशाओं के अंतर्गत संयुक्त मॉडल सामग्री का सामर्थ्य एवं विरूपण व्यवहार

डॉ. के.शेषागिरी राव

आईआईटी , दिल्ली

6.

चक्रीय त्रिअक्षीय तथा चक्रीय साधारण अपरूपण स्थितियों के अंतर्गत भारतीय बालू के द्रवण , व्यवहार का सह संबंध

डॉ.जी.वी.रामन

आईआईटी , दिल्ली

7.

रॉकफिल सामग्री का परीक्षण एवं संघटक मॉडलिंग

डॉ.ए.वर्धराजन

आई.आई.टी , दिल्ली

8.

अनियमित रूप से वितरित फाइबर पुनर्बलित फ्लाईऐश

श्री एच.डी.चरण

इंजीनियरिंग कॉलेज , कोटा

9.

भिन्नात्मक विश्लेषण द्वारा शिलापुंज सामर्थ्य और मापांक का आकलन

डॉ.ए.के.चक्रवर्ती

सीएमआरआई , नागपुर

10.

कंक्रीट सुरंग संरेखण , बांध दीवारों और सतम्भों में प्रतिबल मापन के लिए सैट अप का विकास

प्रो.यू.के.सिंह

भारतीय खनन संस्थान , धनबाद ( झारखंड)

11.

इष्टतम सुरंग विस्फोट के लिए कृत्रिम आसूचना प्रणाली का विकास

डॉ.ए.के.चक्रवर्ती

सीएमआरआई , नागपुर


पूर्ण योजनायें

क्र.सं.

योजना का नाम  

प्रधान अन्वेषक  

संस्थान का नाम  

1.

' भूमि धंसाव ' पर स्टेट आफ दी आर्ट

डॉ.बी.कुमार

सीएमआरआई , धनबाद

2.

खान पर्यावरण तथा पर्यावरण नियंत्रण पर स्टेट आफ दी आर्ट

डॉ.वी.जे.लोवेसन

सीएमआरआई , धनबाद

3.

भारत में जल विद्युत परियोजनाओं में शैल पुनर्बलन व्यवहार पर स्टेट आफ दि आर्ट

डॉ.वी.वेन्कटेशवरलू

एनआईआरएम , कोलार

4.

शिला विरूप्यता पर स्टेट आफ दी आर्ट

श्री वी.एस.ब्रहमभट्ट

जीईआरआई , वडोदरा

5.

जल संसाधन विकास से संबंधित भूतकनीकी पर डाटाबेस तैयार करना

प्रो.ए.श्रीधरन

आईजीएस , नई दिल्ली

6.

शिला पुंज में भूमिगत उत्खनन की स्थिरता के लिए परस्पर प्रभावशील लेखाचित्रों वाले कम्प्यूटर साफ्टवेयर का विकास

डॉ.ए.के.दुबे

सीएमआरआई , रूड़की

7.

शिलायांत्रिकी प्रयोगशाला का विकास

डॉ. आर.के.श्रीवास्तव

एम एन आर ई सी , इलाहाबाद

8.

कम्प्यूटर की सहायता से तैयार सुरंग विस्फोट डिजाइन के लिए शिला पुंंज वर्गीकरण

डॉ.ए.के.चक्रवर्ती

सीएमआरआई , नागपुर

9.

सम सामग्री माडल के प्रयोग से भूमिगत संरचनाओं के सीमित तत्व विश्लेषण के प्रयोग के लिए साफ्टवेयर

डॉ.के.जी.शर्मा

डॉ.ए.वर्दराजन

डॉ.ए.के.धवन

आईआईटी , दिल्ली

10.

अपर्याप्त पाइल भार परीक्षण डाटा के प्रयोग द्वारा भारतीय मानक पद्वति कोड के अनुसार संपीडन में पाइल्स पर सुरक्षित भार का आकलन

डॉ.एस.आर.कनिराज

आईआईटी , दिल्ली

11.

भूमिगत खाली जगह की डिजाइन के लिए नॉन-लिनियर सीमित तत्व विश्लेषण

डॉ.प्रभात कुमार

सी.बी.आर.आई. रूड़की

12.

शिलायांत्रिकी एवं सुरंगन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में डाटा बेस का निर्माण , भारतीय अनुभवों का प्रलेखन तथा सूचना का प्रसार

मानद सचिव ,

आई.एस.आर.एम.टीटी

आई.एस.आर.एम.टीटी , नई दिल्ली

13.

स्टोन कालमों तथा भूसंश्लेषण की पतली भराई द्वारा मृदा सुधार

डॉ.ए.वी.श्राफ

एम.एस.विश्वविद्यालय, वडोदरा

 

14.

भूस्खलन तथा आपद निर्धारण के संदर्भ में ढांचों के जोड , अविछिन्नताओं अपरूपण क्षेत्र स्खलन सतहों के संबंध में भूतकनीकी पैरामीटर एवं भूवैज्ञानिक अध्ययन।

डॉ.यू.एन.सिन्हा

सी.बी.आर.आई. , रूड़की

15.

संहनन नियंत्रण पद्वति का मूल्यांकन

डॉ. मनोज दत्ता

आईआईटी , दिल्ली

16.

नरम भूमि में भूमिगत निर्माण

डॉ.एन.सोम

जादवपुर विश्वविद्यालय , कोलकाता

17.

नदी घाटी परियोजनाओं के लिए वॉटर चार्जड शैल पुंज में सरंचनाओं के 3 डी, सीमित तत्व विश्लेषण के लिए साफ्टवेयर का विकास

डॉ.पी.एन.गोडबोले

रूड़की विश्वविद्यालय, रूड़की

18.

जलौढ़ भूमि कणाकार पाइल्स का पुनर्बलन

डॉ.एम.आर.माधव

आईआईटी , कानपुर

19.

बोल्ट लम्बाई आवश्यकता की तुलना में अधिकतम प्रतिबल के विकास पर भूमिगत कन्दरा के आकार के प्रभाव

डॉ.आर.के.गोयल

सीएमआरआई , रूड़की

20.

कंक्रीट संरेखण के लिए प्रतिस्थापन के रूप में शिला पुनर्बलन और स्टील फाइबर पुनर्बलित शॉटक्रीट की प्रभावकारिता का मूल्यांकन

डॉ.के.वेंकटेशवरलू

एनआईआरएम , कोलार

21.

प्रसरणशील मृदाओं में ग्रेनुलर पाईल्स एंकरों की प्रभावोत्पादकता का अध्ययन

प्रो.ए.श्रीराम राव जेएनटीयू काकीनाड़ा

जेएनटीयू इंजीनियरिंग कालेज , काकीनाड़ा(ए.पी.)


प्रकाशित अद्यतन रिपोर्टें

क्र.सं. 

योजना का नाम  

प्रधान अन्वेषक  

संस्थान का नाम  

1.

' भूमि धंसाव ' पर स्टेट आफ दी आर्ट

डॉ.बी.कुमार

सीएमआरआई धनबाद

2.

खान पर्यावरण तथा पर्यावरण नियंत्रण

डॉ.जी.जे.लोवेसन

सीएमआरआई धनबाद

3.

भारत में जल विद्युत परियोजनाओं में शैल पुनर्बलन व्यवहार पर स्टेट आफ दि आर्ट

डॉ.वी.वेन्कटेशवरलू

एनआईआरएम , कोलार

 

 

भारतीय राष्ट्रीय निर्माण सामग्री और संरचना समिति (आईएनसीसीएमएस)

अध्यक्ष:
निदेशक , के.मृ.सा.अनु.शाला
सदस्य सचिव:
राजीव कुमार

मुख्य अनुसंधान अधिकारी (क.अ.प्र. II )
केन्द्रीय मृदा एंव सामग्री अनुसंधानशाला
ओलोफ पालमे मार्ग हौज खास
नई दिल्ली- 110016
दूरभाष- 011-26532554 ,
फैक्स- 011- 26853108
ईमेल-rajeevcsmrs[at]nic.in


विषय क्षेत्र

  • निर्माण सामग्री
  • संरचना
  • कंक्रीट प्रौद्योगिकी
  • फ्लाईऐश का उपयोग

अनुसंधान योजनाओं की स्थिति

1.

अब तक स्वीकृत अनुसंधान योजनाओं की कुल संख्या

22

2.

स्वीकृत सहायता-अनुदान की राशि

260.89045 लाख

3.

अब तक जारी किया गया सहायता-अनुदान

192.1305 लाख

4.

वर्ष 2003-2004 के दौरान जारी की गई सहायता

10.65 लाख

5.

पूरी की गई योजनाओं की संख्या

13

6.

निष्पादनाधीन योजनाओं की संख्या

09

7.

रोकी गई योजनाओं की संख्या

01

8.

स्वीकृति हेतु विचाराधीन नई योजनाएं

शून्य

9.

' आमंत्रित अनुसंधान ' के अन्तर्गत स्वीकृति हेतु नई योजनाएं

शून्य


चालू अनुसंधान योजनाओं की स्थिति संबंधी रिपोर्ट

क्र.सं.

योजना का नाम  

संस्थान/प्रधान अन्वेषक का नाम

क्र.सं.

योजना का नाम

संस्थान/प्रधान अन्वेषक का नाम 

1.

उच्च सामर्थ्य सिलिका फ्यूम कंक्रीट मिश्रों के लिए अभिकल्प प्रणाली

रीजनल इंजीनियरिंग कालेज , वारंगल(ए.पी.)श्री एम.सुधाकर, सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट

6.

मेरी में आरसीसी अनुसंधान और परीक्षण हेतु अवसंरचनात्मक सुविधाएं विकसित करना

मेरी , नासिक(महाराष्ट्र)

निदेशक , मेरी, नासिक

2.

जल संसाधन परियोजनाओं के लिए अति उच्च सामर्थ्य कंक्रीट पर आधारभूत अनुसंधान अन्वेषण

रूड़की विश्वविद्यालय(उ.प्र.) डॉ.एस.के.कौशिक , प्रौ.सिविल इंजीनियरिंग प्रभाग

7.

अति सुघटय कंक्रीट के दीर्घकालिक गुणधर्मों का मूल्यांकन

कर्नाटक इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान , कृष्णाराजासागर

श्री सी.एस.सोमशेखर ,
सहा.प्रौ.

3.

फाइबर प्रबलित कंक्रीट में अनुसंधान एवं विकास के लिए ताजा स्थिति का मूल्यांकन

रूड़की विश्वविद्यालय(उ.प्र.) डॉ.एस.के.कौशिक , प्रौ., सिविल इंजीनियरिंग प्रभाग

8.

रोड़ियों वाली विकृत स्फटिक में क्षार सिलिका प्रतिक्रिया का अध्ययन जिसमें उपचारी उपाय और जलीय संरचनाओं की उपयुक्तता और चिरस्थायित्वता पर इसका प्रभाव शामिल है ।

डॉ.सी.एस.दुबे , रीडर

ज्यूलोजी विभाग ,

दिल्ली विश्वविद्यालय ,

दिल्ली

4.

पोजोलाना निर्माण सामग्रियों का सूक्ष्म संरचना विश्लेषण और प्रतिरूपण

आईआईआई टी , दिल्ली डॉ.बी. भट्टाचार्य, एसिस.प्रोफेसर आफ सिविल इंजीनियरिंग

9.

एल्कली एक्टिवेटिड ब्लेंडिड सीमेंट , मकेनिकल स्ट्रैन्थ, पोर सोल्यूशन कम्पोजिशन एंड जियोलाइट फार्मेशन

निदेशक , रीजनल रिसर्च लेबोरेट्री (सीएसआईआर), जोरहाट

5.

फेरोसमेंट जैकेट द्वारा आर.सी.बीमों को मजबूत बनाना

रीजनल इंजीनियरिंग कालेज , वारंगल (ए.पी.) डॉ.एन.के.आदिमूर्ति, प्रोफेसर आफ सिविल इंजीनियरिंग

10.

प्रबलित कंक्रीट संरचना में संक्षारण कम करने के लिए फ्लाईऐश की भूमिका

प्रोफेसर ए.एस.खन्ना , कोरोजन साइंस एंड इंजीनियरिंग, आईआईटी मुम्बई


पूरी हो चुकी अनुसंधान योजनाएं

क्र.सं.

योजना का नाम

संस्थान/प्रधान अन्वेषक का नाम  

क्र.सं.

योजना का नाम

संस्थान/प्रधान अन्वेषक का नाम 

1.

कंक्रीट मिश्रों और संबंधित घटकों मे समानुपात

इंडियन इन्सटिच्यूट आफ साइसं , बैंगलोर(कर्नाटक) प्रो.टी.एस. नागराज, डिपार्टमेंट आफ सिविल इंजीनियरिंग

7.

 

कंक्रीट के अधिमिश्रण और विलेपन के प्रयोग द्वारा रासायनिक और समुद्रीय पर्यावरण के अन्तर्गत आने वाली कंक्रीट संरचनाओं की चिरस्थायित्वता में वृध्दि

सेंट्रल इलेक्ट्रोकेमिकल रिसर्च इन्सटिच्यूट , कराईकुडी (तमिलनाडू)

डॉ.टी.एम.

बालासुब्रमणियम ,

वैज्ञानिक

2.

कंक्रीट और स्टील पर संक्षारण-रोधी विलेपन का प्रयोग

इरीगेशन रिसर्च इन्सटिच्यूट , रूड़की(उ.प्र.) श्री एस.एस.दास, कार्यकारी अभियंता

8.

तमिलनाडू में वैगई और पेरियार बांधों में रिसाव और लाइम लीच का विश्लेषण

इन्सटियूट ऑफ हाइड्रोलिक एंड हाइड्रोलोजी , पूंडी (तमिलनाडू) श्री आर.श्रीनिवासन, उप निदेशक

3.

पोलीमर रूपांतरित स्टील फाइबर प्रबलित कंक्रीट की चिरस्थायित्वता और संपीडित संघटक व्यवहार पर अध्ययन

रीजनल इंजीनियरिंग कालेज , कालीकट (केरल) डॉ.एन.गणेशन, सहायक प्रोफेसर

9.

जलीय संरचनाओं में कंक्रीट के निष्पादन और चिरस्थायित्वता पर फ्लाईऐश के अलग-अलग प्रकारों और मात्राओं का प्रभाव

आईआईटी मद्रास डॉ.एम.एस.मैथ्यू , एसोसिएट प्रोफेसर, सिविल इंजीनियरिंग विभाग

4.

 

कंक्रीट पैरामीटरों में विसरण का प्रतिरूपण और निर्धारण

 

इंडियन इन्सटियूट आफ टेक्नॉलोजी , दिल्ली डॉ.विश्वजीत भट्टाचार्य, सहायक प्रोफेसर, सिविल इंजीनियरिंग प्रभाग

 

10.

 

आरसीसी संरचनाओं की रिबार्स हेतु संक्षारण रोधी पेंट विलेपन का विकास

 

आईआईटी , मुम्बई

प्रोफेसर ए.एस.खन्ना ,

डिपार्टमेंट ऑफ कोरोजन साइंस एंड इंजीनियरिंग

5.

जल संसाधन प्रबंधन और विकास के लिए पोलीयूरेथीन आधारित निर्माण रसायन

  • कंक्रीट संरचनाओं हेतु जल विक्षेपी विलेपन
  • इलास्टोमरिक सीलेंट

नेशनल कैमिकल लेबोट्री , पुणे (महाराष्ट्र) श्री के.जी.रोत,

वैज्ञानिक

11.

उच्च निष्पादन कंक्रीट कम्पोजिट हेतु औद्योगिक स्लैग का उपयोग

सीएमई , पुणे एंड आईआईटी, मद्रास डॉ.एस.सी.पाल,

सहायक प्रोफेसर , सिविल इंजीनियरिंग विभाग, सीएमई पुणे प्रोफेसर के.गणेश बाबू आईआईटी, मद्रास

6.

फेरोसमेंट पर अध्ययन और उत्तरपूर्वी क्षेत्र में इसकी लोकप्रियता तथा अनप्रयोग

रीजनल रिसर्च लेब्रोट्री , जोरहाट (असम) डॉ.यू.सी.कलिता , साइंटिस्ट , स्था- II एवं प्रमुख , एपलाइड सिविल इंजीनियरिंग

 

 

 

 रोक दी गई अनुसंधान योजनाएं

क्र.सं.

योजना का नाम  

संस्थान/प्रधान अन्वेषक का नाम  

1.

विशेष रूप से मोटी रोड़ी के रूप में ग्रेनाइट में विकृत स्फटिक के कारण कंक्रीट में क्षार रोड़ी प्रतिक्रिया का अध्ययन

गुजरात इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान ,
वडोदरा (गुजरात)

अनुसंधान अधिकारी , सामग्री परीक्षण प्रभाग

 अनंसंधान एंव विकास कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए दिशार्निदेश (कृ्पया अंग्रेजी रूपांतर देखें)


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