• भारत सरकार
    Government of India
  • जल शक्ति मंत्रालय
    Ministry of Jal Shakti
केंद्रीय मृदा और सामग्री अनुसंधान स्टेशन का प्रतीक चिन्ह

केंद्रीय मृदा और
सामग्री अनुसंधान स्टेशन

ठोस प्रौद्योगिकी

कांक्रीट तकनीक समूह की प्रमुख गतिविधियां हैं:

  • भारत व बाहर के देशों में प्रमुख नदी घाटी परियोजनाओं के लिए निर्माण सामग्री का प्रयोगशाला परीक्षण। इसमें संपूर्ण क्षेत्रीय प्रयोगशाला सिविधाएं होती है जो कि आदर्शकरण (बी आई एस, ए एस टी एम आदि) का कार्य करती हैं और कांक्रीट, मेसनरी, सीमेन्ट, स्टील और अन्य निर्माण सामग्री की जांच करते हुए इनकी विशेषताओं, उनकी असफलताओं और प्रदर्शन संबंधी समस्याओं को लेकर जानकारी प्राप्त की जाती है।
  • विशेष जांच सुविधाएं, कांक्रीट प्रयोगशाला में कार्य, इनका उपयोग बडी मात्रा में कांक्रीट की थरमल विशेषताओं का अध्ययन करने और जंगरोधन संबंधी स्थिति की जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
  • मास कांक्रीट और उच्च प्रदर्शन कांक्रीट मिक्स संबंधी मिक्स डिजाइन
  • निर्माण गुणवत्ता नियंत्रण जो कि कांक्रीट के क्षेत्र में प्रमुख हाईड्रोलिक ढांचों के लिए कार्यरत होते हैं
  • विविध जानकारों और सेवा इंजीनियर्स संबंधी स्थिति को लेकर विविध क्षेत्रीय सरकारों और प्रान्तीय जांच प्रयोगशालाओं हेतु मदद तथा कांक्रीट जांच संबंधी प्रयोगशाला जांच में सहयोग।
  • देश में बांधों के निर्माण के दौरान रोलर कॉम्पेक्टेड कांक्रीट संबंधी जानकारी का प्रसार करना।
  • इसके अलावा, यह समूह कंक्रीट का अध्ययन जो कि विविध एक्सेल तनाव की स्थिति में होता है, हेतु उपकरण सुविधाएं प्रदान करता है और कांक्रीट के दीर्घावधि प्रदर्शन का स्रोत होता है।
  • गुणवत्ता नियंत्रण

कांक्रीट निदान व रसायन समूह में कांक्रीट निदान प्रभाग, कांक्रीट रसायन प्रभाग और एक विशेष अध्ययन प्रभाग होता है। इनकी प्रमुख गतिविधियां होती है :

  • क्षेत्र की सुविधाओं संबंधी परीक्षण जिसमें शामिल है बिना नुकसान पहुंचाए निरीक्षण करने वाले उपकरण जो कि अल्ट्रासोनोक पल्स वेलॉसिटी तरीके से पंडित के उपयोग से इन सितु गुणवत्ता का कार्य ढांचे हेतु करते हैं (कांक्रीट व मेसनरी)
  • नैदानिक निरीक्षण/स्वास्थ्य जांच
  • मरम्मत और पुनर्वास संबंधी सामग्री
  • पेट्रोग्राफी अध्ययन
  • निर्माण सामग्री का रासायनिक परीक्षण
  • कांक्रीट का टिकाउपन
  • रसायन और खनिज शास्त्र
  • आकलन का इन्स्ट्रुमेन्टल तरीका
  • जल गुणवत्ता परीक्षण
  • क्षार रोड़ी प्रतिक्रिया अध्ययन
  • नवीन सामग्री – पोलीम्नर, ग्राउट आदि
  • एस सी/एसएफआरसी/ एचपीसी/एचएससी/सीएफआरडी